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ओलावृष्टि, बारिश से गेहूं की फसल हुई खराब

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मंगलवार देर रात से शुरू हुई बारिश और ओलावृष्टि ने कई किसानों की खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के साथ ही कटी पड़ी फसल भी बर्बाद कर दी है। तीन दिन पहले हुई बारिश में भीगी कटी फसल किसानों ने सूखने का डाली थी कि फिर बारिश से भीगा गेहूं अब अंकुरित भी होने लगा है। टनकपुर के आमबाग, ककरालीगेट, सैलानीगोठ, विचई और मनिहारगोठ में करीब दो दर्जन से अधिक किसानों के गेहूं की फसल बारिश सेे भीगकर खराब हुई है। वहीं ओलावृष्टि से आम, लीची आदि फलों के बौर को भी नुकसान पहुंचा है। इधर, प्रशासन ने अब तक फसलों के नुकसान की कोई सूचना उपलब्ध नहीं होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि फिर भी राजस्व विभाग को क्षति की जानकारी जुटाने को कहा गया है।
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बनबसा में भी बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। अंबेडकर ग्राम फागपुर, चंदनी, भजनपुर, आनंदपुर, बमनपुरी, पचपकरिया, देशीफार्म, चंदफार्म, चूनाभट्टा, गढ़ीगोठ, देवीपुरा, गुदमी, मझागांव आदि में करीब ढाई सौ बीघा भूमि पर खेतों में खड़ी फसल के साथ ही खेतों में कटा गेहूं भीगने से खराब हो चुका है। कई गांवों में तो गेहूं की फसल जलमग्न तक हो गई है। राज्य बागवानी पुरस्कार प्राप्त पुष्कर कापड़ी ने बताया कि ओलावृष्टि से बागानों को भी नुकसान पहुंचा है। बताया कि फलों के पेड़ों की टहनियां टूटने और आम के बौर गिरने से काफी नुकसान हुआ है। ओलों की मार सब्जी उत्पादकों पर भी पड़ी है। कृषि उत्पादक मंडी समिति उपाध्यक्ष जसवंत सिंह बसेड़ा, भाजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री जगत सिंह मिताड़ी, ग्राम प्रधान गीता देवी, गंगा गुरूंग, अरुण कुमार, गिरधारी लाल, माला देवी आदि ने शासन से किसान के नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
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