लोहाघाट (चंपावत)।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाइस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के मूल्यांकन का कार्य शुरू हो गया है। 15 दिनों तक चलने वाले मूल्यांकन में हाइस्कूल और इंटरमीडिएट के 14 विषयों की 47868 उत्तर पुस्तिकाओं का 171 परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। मूल्यांकन शुरू होने से पहले परीक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।
जिला शिक्षाधिकारी और मुख्य नियंत्रक सत्यनारायण ने जीआईसी मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मूल्यांकन केंद्र के लिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्य नियंत्रक ने परीक्षकों को मूल्यांकन में पूर्ण पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखने की बात कही।
उप परीक्षा नियंत्रक एचएन जोशी ने बोर्ड से मूल्यांकन के संबंध में प्राप्त महत्वपूर्ण निर्देशों की जानकारी देकर सभी परीक्षकों को समबद्धता को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन करने पर जोर दिया। लोहाघाट मूल्यांकन केंद्र में हाइस्कूल की चार विषयों की 22976 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए पांच टेबलें लगाई गई हैं। जिसमें 65 परीक्षकों को मूल्यांकन के लिए तैनात किया गया है। इसी प्रकार इंटरमीडिएट की 10 विषयों की 24892 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 106 परीक्षक व 10 टेबलें लगाई गई हैं। मास्टर ट्रेनर श्यामदत्त चौबे व भगवान जोशी ने मूल्यांकन केंद्र की भूमिका, परीक्षक, अंकेक्षक, उप प्रधान परीक्षक के दायित्व, कार्योें, अंक योजना, अंकेक्षण संबंधी, परिचर्चा, मूल्यांकन त्रुटियां, ओएमआर अवार्ड बैंक आदि की प्रोजेक्टर के जरिए जानकारी दी। पर्यवेक्षक टीसी जोशी, सह नियंत्रक कामेश्वर सिंह, डीके मिश्रा आदि ने मूल्यांकन संबंधी टिप्स दिए।