चंपावत। जिले में आधार कार्ड सहित कई जरूरी प्रमाण पत्र बनाने वाले ई डिस्ट्रिक और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) अब बेरोजगारों के लिए काफी मददगार साबित हो रहे हैं। अब बेरोजगार अभ्यर्थियों को सेवायोजन कार्यालय में नाम पंजीकरण कराने के लिए सेवायोजन कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। बेरोजगार अभ्यर्थी ई डिस्ट्रिक और सीएससी के माध्यम से सेवायोजन कार्यालय में अपना पंजीकरण आसानी से करा रहे हैं।
जिले में जुलाई माह से शुरू हुई योजना के तहत अब तक डेढ़ सौ से अधिक अभ्यर्थी ई डिस्ट्रिक और सीएससी केंद्रों के माध्यम से अपना पंजीकरण करा चुके हैं। प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन के धीरेंद्र कुमार राय का कहना है कि अब बेरोजगारों को नौकरी पाने के लिए सेवायोजन कार्यालय में अपना नाम दर्ज करवाने का बेहतर विकल्प मिल गया है।
गौरतलब है कि बेरोजगार युवक-युवतियों के पंजीयन के लिए राज्य सरकार की ओर से हर जिले में सेवायोजन कार्यालय खोले गए हैं। रोजगार विशेषकर सरकारी क्षेत्र में नौकरी के लिए बेरोजगार युवाओं का सेवायोजन कार्यालय में पंजीयन कराना आवश्यक होता है। सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकरण के लिए लगने वाली युवाओं की भीड़ को राहत देने के लिए राज्य सरकार की ओर से ई डिस्ट्रिक और सीएससी के माध्यम से भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिसके बाद बेरोजगार अभ्यर्थी अपने घर के नजदीकी ई डिस्ट्रिक अथवा सीएससी केंद्र पर जाकर पंजीयन कराने के साथ उसमें जरूरी संशोधन भी करा पा रहे हैं। ई डिस्ट्रिक और सीएससी सेंटर की ओर से 15 दिन बाद अभ्यर्थियों को पंजीयन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक कुलदीप भंडारी ने बताया कि जिले में 142 ई डिस्ट्रिक केंद्रों के साथ ही 205 सीएससी में बेरोजगारों का पंजीकरण किया जा रहा है।
पंजीकरण के लिए लाने होते है मूल दस्तावेज
चंपावत। कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक कुलदीप भंडारी के अनुसार ई डिस्ट्रिक और सीएससी में पंजीकरण के लिए बेरोजगार अभ्यर्थियों को सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड आदि की प्रमाणित छायाप्रति के साथ मूल दस्तावेज सेंटर पर लाने होते हैं। जिन्हें सेंटर में स्कैन कर सुरक्षित रखने के साथ जिला सेवायोजन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाता है।
सीएससी संचालकों को किया गया है प्रशिक्षित
चंपावत। बेरोजगारों के सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने के लिए किसी प्रकार की गल्तियों की गुंजाइश न रहे इसके लिए सीएससी सेंटर और ई डिस्ट्रिक केंद्रों के संचालकों को प्रशिक्षित किया गया है। परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट के अनुसार पूर्व प्रशिक्षण के अलावा सीएससी संचालकों को समय समय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।