चंपावत। ज्यादातर सड़कों पर होने वाले हादसों की मुख्य वजह वाहनों के फिटनेस की कमी है। मगर फिटनेस को लेकर जिले में पुख्ता व्यवस्था नहीं है। और तो और परिवहन विभाग के पास वाहनों फिटनेस को जांचने के लिए एक भी अधिकारी तक नहीं है। वाहनों की फिटनेस जांचने के लिए परिवहन विभाग दूसरे महकमे पर है।
परिवहन विभाग के मुताबिक मैदान और पहाड़ से मिलकर बने चंपावत जिले में 550 टैक्सी और 720 मैक्स से यात्रियों को ढोते हैं। लेकिन इन वाहनों की फिटनेस को परखने के लिए यहां पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। विभाग के पास फिटनेस की जांच के लिए क्षेत्रीय अधिकारी (आरआई) व सहायक क्षेत्रीय अधिकारी (एआरआई) के पद लंबे समय से रिक्त हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) रश्मि भट्ट ने बताया कि विभाग वाहनों की फिटनेस की जांच उत्तराखंड परिवहन निगम के फोरमैन के जरिये कराता है। टनकपुर डिपो के फोरमैन हर कार्य दिवस में दो घंटे वाहनों की फिटनेस की जांच के लिए देते हैं। जिले में हर माह औसतन 40 वाहनों का फिटनेस की जांच कर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
96 वाहनों का चालान किया
परिवहन विभाग चेकिंग के दौरान फिटनेस की कमी वाले वाहनों पर कार्यवाही करता है। एआरटीओ भट्ट का कहना है कि इस वर्ष अब तक जिले में 96 वाहनों का चालान किया है। फिटनेस की कमी वाले वाहनों से पांच हजार रुपये का चालान काटा जाता है।