सरकारी स्कूलों से छात्रों के नाम कटवाने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। बर्दाखान राजकीय इंटर कॉलेज में अप्रैल में इंटर के सात छात्रों के नाम कटाने के बाद अब मां बाराही धाम देवीधुरा में 12 छात्र-छात्राओं ने नाम कटाया है। ये नौबत प्रवक्ताओं के नहीं होने से आ रही है। इंटर में एक भी प्रवक्ता नहीं है।
पाटी विकासखंड के देवीधुरा जीआईसी में शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इंटर में विज्ञान संकाय का एक भी प्रवक्ता नहीं है। इसके चलते बारहवीं के 20 छात्र-छात्राओं में से 12 छात्रों ने नाम कटवा कर दूसरे स्कूलों में प्रवेश ले लिया है। इसके अलावा दो अन्य छात्रों ने भी टीसी कटाने के लिए आवेदन किया है। इस स्कूल में प्राचार्य के अलावा छह प्रवक्ताओं और एलटी में तीन शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जीआईसी में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के न होने से 286 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
शिक्षक-अभिभावक संघ अध्यक्ष हयात सिंह बिष्ट और स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष कृष्ण राम का कहना है कि एक ओर सरकार छात्र-छात्राओं को सरकारी स्कूलों में भेजने के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती तक नहीं की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक तंगी के कारण लोग अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में भेजते हैं। उन्होंने स्कूल में शीघ्र शिक्षकों की तैनाती नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रभारी प्रधानाचार्य विष्णु दत्त भट्ट का कहना है कि प्रवक्ताओं और शिक्षकों के पद रिक्त होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है।
प्रवक्ताओं के रिक्त पद : गणित, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, संस्कृत और अंग्रेजी।
एलटी में रिक्त पद : गणित के दो और अंग्रेजी के एक।
कार्यालय के रिक्त पद : वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, दफ्तरी, स्वच्छक, चौकीदार।
देवीधुरा में पढ़ते हैं तीन जिलों के छात्र
पाटी विकासखंड के सबसे पुराने जीआईसी देवीधुरा में न केवल चंपावत जिले, बल्कि नैनीताल और अल्मोड़ा जिले के छात्र-छात्राएं भी पढ़ते हैं। इसमें नैनीताल जिले के कटना, कोटला, भेटी, अल्मोड़ा जिले के स्यूड़ा, फुलाराकोट, कटयोली के अलावा चंपावत जिले के रीठाखाल, गागर, किमाड़, सिल्योड़ीगूंठ, चौडागूंठ, अनर्पा, गवांई, इजट्टाडुंगरा, भैसर्क, पखोटी, मंटांडे, बनौली आदि गांवों से छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए आते हैं।