चंपावत। उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी समन्वय मंच की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तय की है। जिसके तहत मंच की ओर से दो जनवरी को व्यक्तिगत आकस्मिक अवकाश लेकर सभी जिला मुख्यालयों में धरना और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।
समन्वय मंच के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सौन और संयोजक सचिव जीवन चंद्र ओली ने बताया कि पूर्व में सहमति बनने के बाद भी शासन की ओर से कर्मचारियों की समस्याओं को तवज्जों नहीं दी जा रही है, जिस कारण संगठन की ओर से फिर से प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन के दूसरे चरण में 15 से 31 जनवरी तक संपूर्ण प्रदेश में जन जागरण अभियान और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए जाएंगे। इसके बाद चार फरवरी को राजधानी में प्रदर्शन और सचिवालय का घेराव कर हड़ताल की घोषणा की जाएगी।