टनकपुर (चंपावत)। शारदा नदी से खनन शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। वन निगम के बाद वन विभाग ने भी खनन क्षेत्र के सीमांकन की कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग की टीम बुधवार को नदी के अप और डाउन स्ट्रीम में खनन क्षेत्र का सीमांकन करेगी। इस बार से राजस्व विभाग के कर्मचारियों की टीम भी सीमांकन में शामिल रहेगी।
वैसे तो मानसून काल के बाद खनन का सीजन अक्तूबर में शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार अब तक खनन शुरू नहीं हो पाया है। पिछले दिनों देहरादून से आई जल एवं मृदा आयोग की टीम ने नदी का सर्वे कर खनिज निकासी की संभावित मात्रा का जायजा लिया। सर्वे के बाद आयोग ने प्रारंभिक तौर पर चार लाख घनमीटर खनिज निकासी की संस्तुति भी की है। खनन प्रभारी हरीश पाल के मुताबिक वन निगम ने खनन की सभी तैयारियां पूरी कर ली है। एक अक्तूबर से वाहनों का पंजीकरण शुरू किया जा चुका है। अब तक सौ से ज्यादा वाहनों के पंजीकरण हो चुके हैं। इसके अलावा नदी के अप एवं डाउन स्ट्रीम निकासी गेटों के तौल कांटे दुरुस्त कर लिए गए हैं। अब वन विभाग द्वारा सीमांकन किए जाने की प्रतीक्षा है।
शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गोविंद सिंह रजवार ने बताया कि डीएफओ के आदेश पर बुधवार को खनन क्षेत्र के सीमांकन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार डीएम के आदेश पर पहली बार सीमांकन का कार्य राजस्व कर्मियों के साथ किया जाना है।
सीमांकन में लगेगा 15 दिन का समय
शारदा के खनन क्षेत्र के सीमांकन कार्य में कम से कम 15 दिन का समय लगेगा। जिसे देखते हुए एक दिसंबर से ही खनन शुरू होने का अनुमान है। वन क्षेत्राधिकारी गोविंद सिंह रजवार ने बताया कि पर्यावरण मंत्रालय की गाइड लाइन के मुताबिक चार फुट ऊंचा पिलर लगाकर सीमांकन किया जाना है। इधर, खनन प्रभारी हरीश पाल का कहना है कि सीमांकन होने के बाद निगम द्वारा खनन गेट खोल दिए जाएंगे।