चंपावत। नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र की 41 ग्राम पंचायतों की करीब 35 हजार से अधिक आबादी को तहसील से संबंधित काम के लिए अब भी लोहाघाट जाना पड़ता है। ये हाल तब है, जब यहां के लोगों के लिए अलग उप तहसील की चार साल पूर्व शासनादेश हो चुका है। ग्रामीणों ने विधायक से मुलाकात कर जल्द से जल्द उप तहसील के निर्माण और खालगढ़ को इसका मुख्यालय बनाने की मांग की है।
गुमदेश विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिक्षाविद माधो सिंह अधिकारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गुमदेश उप तहसील का जल्द संचालन कराने का आग्रह किया। उप तहसील मुख्यालय को किमतोली के राजस्व गांव गुरेली (खालगढ़) में बनाने की स्वीकृति के बावजूद उप तहसील लटकी है। आरोप है कि क्षेत्र के इक्का-दुक्का जन प्रतिनिधियों द्वारा उप तहसील मुख्यालय को लेकर किए विवाद के चलते मामला लटका है। ग्रामीणों ने विधायक से जल्द से जल्द उप तहसील संचालन का आग्रह किया है। कहा कि उप तहसील बनने से मढ़ुवा डुंगरा, पंचेश्वर, लेटी डुंगरा सहित दूरदराज के तमाम गांवों की दूरी में कमी आएगी।
प्रतिनिधिमंडल में चंचल बोहरा, महेंद्र सिंह, हरीश अधिकारी, देवी चंद, भुवन भट्ट, किशोर रावत, पूरन पंत, हरीश पंत, किशोर चिल्कोटी, देव सिंह धौनी, नरसिंह धौनी, जोगा धौनी, खीमराज, मदन कलोनी, ओंकार धौनी, आनंद ओली, कुंवर पृथोली, शिवराज अधिकारी, हरीश कुमार, कैप्टन पूरन डांगी, मोहित पांडेय, राजीव सक्टा, पप्पू अधिकारी, महेश डांगी आदि शामिल थे। इधर विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने जल्द से जल्द उप तहसील संचालन का आश्वासन दिया।