चंपावत। एक से दूसरे और दूसरे से तीसरे अस्पताल रेफर करने के बाद महिला ने जिस शिशु को जन्म दिया उसकी भी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक शिशु प्री-मैच्युर थे। इस कारण उसे बचाया नहीं जा सका। प्रसूता की स्थिति खतरे से बाहर है।
लोहाघाट विकासखंड के हरखेड़ा गांव की जानकी देवी (31) पत्नी गंगा राम ने शुक्रवार सुबह घर में एक मृत बच्ची को जन्म दिया था। दूसरे शिशु की डिलीवरी नहीं होने से गर्भवती को पहले लोहाघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, वहां से चंपावत जिला अस्पताल और बाद में पिथौरागढ़ महिला अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.एनएस नबियाल ने बताया कि जानकी को छह माह का गर्भ था। शिशु के प्री-मैच्युर होने से शिशु का बचना मुश्किल था। महिला अस्पताल से शुक्रवार रात को प्रसूता को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रेफर किया। इसके लिए आपात चिकित्सा सेवा 108 भी उपलब्ध कराई, लेकिन गर्भवती के परिजन खराब मौसम के चलते हल्द्वानी जाने को राजी नहीं थे। इस बीच, शनिवार सुबह जानकी देवी के दूसरे नवजात की भी मौत हो गई। अलबत्ता जानकी देवी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।