चंपावत। जिला मुख्यालय में बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान जाम लगने की समस्या पैदा होने लगी है। टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच चल रहे निर्माण कार्य में जगह-जगह मलबा आने से वाहनों की लंबी कतारें लग जा रही हैं। मलबा हटने पर इन वाहनों के एक साथ जिला मुख्यालय में पहुंचने से दिक्कतों में इजाफा हो रहा है।
दूसरी ओर दुपहिया और चौपहिया वाहनों की संख्या में तेजी से हो रहे बढ़ोतरी हो रही है। इससे जिला मुख्यालय में हर दिन जाम लगने की समस्या आम बात होती जा रही है। सुबह और शाम के समय पर लोगों का सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों के खड़े रहने से जाम की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। पुलिस की ओर से निर्धारित की गई पार्किंग के अलावा अन्यत्र स्थानों में वाहनों के आड़े तिरछे खड़े कर दिए जाने से भी जाम लगना आम बात बन गई है।
वैकल्पिक मार्ग से भेजे जाएं डंपर और भारी वाहन
चंपावत। जिला मुख्यालय के नागरिकों का कहना है कि मोटर स्टेशन में वाहनों का दबाव कम करने के लिए भारी वाहनों और दिन भर चलने वाले डंपरों को बाइपास मार्ग से भेजा जाना चाहिए। उनका कहना है कि जो वाहन मुख्यालय खाली खड़े रहते हैं उन्हें शहर से बाहर भेजा जाना चाहिए। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि यातायात व्यवस्था को सुधारने में पुलिस का फोकस है। जिला मुख्यालय में जाम से निपटने के लिए यातायात पुलिस के जवानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।