चंपावत। पहाड़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड है, लेकिन इसके बावजूद पानी की किल्लत कम नहीं है। लोग ठंड में भी पानी के लिए पसीने बहाने को मजबूर हैं। जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में पेयजल आपूर्ति ठप है। इसके चलते नागरिक पानी को दूरदराज से ढोने को मजबूर हैं।
इन दिनों चंपावत का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है। इसके बाद भी यहां कई जगह लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। खर्ककार्की, त्यारकूड़ा, कनलगांव, खड़ी बाजार के कुछ हिस्सों में कई दिन से पेयजल आपूर्ति बाधित है। इसके चलते दो हजार से अधिक लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। इन इलाकों के लोग हैंडपंप, नौले और दूसरी जगह से पानी ढोने को मजबूर हैं। नागरिकों का कहना है कि जल संस्थान ने पानी के बिलों में तो तीन गुने से अधिक बढ़ोत्तरी कर दी है, मगर पानी की सामान्य उपलब्धता भी वह नहीं दे पा रहा है। लोगों ने तत्काल पेयजल आपूर्ति करने की मांग की है।
चंपावत शहर और आसपास के क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति ललुवापानी, छीड़ापानी सहित कुल छह स्रोतों से होती है। रोजाना करीब 16 लाख लीटर पेयजल की जरूरत है, मगर इस वक्त भी उपलब्धता नौ लाख लीटर से कम हो पा रही है।
त्यारकुड़ा क्षेत्र में सड़क किनारे नाली खोदते वक्त पेयजल लाइन टूटने से बुधवार से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसे ठीक कराया जा रहा है। वहीं अन्य क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति नहीं होने की वजह वितरण प्रणाली में गड़बड़ी है। इसके लिए लाइनों का रखरखाव करने वाले संबंधित पार्ट टाइम चौकीदार (पीटीसी) को वितरण प्रणाली दुरुस्त रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
किशोर पंत, कनिष्ठ अभियंता, जल संस्थान, चंपावत।