चंपावत। चंपावत जिले के आदर्श माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी इस शिक्षा सत्र में पूरा हो पाना मुमकिन नहीं है। इन स्कूलों में रिक्त एक-तिहाई पदों के लिए निकाले गए आवेदनों में भी शिक्षकों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। 54 पदों के सापेक्ष महज 14 शिक्षकों ने आवेदन किए। लेकिन इनमें से कई आवेदन पात्रता की कसौटी में खरे नहीं उतरने से खारिज हो गए।
जिला मुख्यालय चंपावत का जीआईसी आदर्श विद्यालयों में शामिल है। यहां कुल 390 छात्र पढ़ते हैं। लेकिन यहां भी शिक्षकों के पूरे पदों को नहीं भरा जा सका। मगर यहां भी 11 में से 4 प्रवक्ताओं के पद खाली है। रसायन विज्ञान, वाणिज्य, भूगोल व हिंदी के प्रवक्ता के पद रिक्त हैं। लेकिन ये हाल सिर्फ मुख्यालय के इस आदर्श विद्यालय का हो, ऐसा नहीं है।
जिले के 105 माध्यमिक विद्यालयों में राजकीय इंटर कॉलेज चंपावत, पुलहिंडोला, बाराकोट व पाटी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज टनकपुर, लोहाघाट, चौमेल व खेतीखान को आदर्श माध्यमिक स्कूलों का पिछले साल दर्जा मिला था। भरपूर स्टाफ और अन्य सुविधाओं को उपलब्ध करा बेहतर गुणवत्ता देना इसका मकसद था, मगर पढ़ाने वालों की कमी इस उद्देश्य के आढ़े आ रही है। चार हजार से अधिक छात्र संख्या वाले इन आठ आदर्श विद्यालयों में 158 में से 54 शिक्षकों (34 प्रतिशत) के पद रिक्त हैं।
14 आवेदनों में से 8 खारिज हुए
चंपावत। 8 आदर्श माध्यमिक विद्यालयों के रिक्त पदों के लिए 9 अक्तूबर को लोहाघाट स्थित जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्था (डायट) में लिखित परीक्षा होगी। लेकिन रिक्त पदों की संख्या के बराबर तो आवेदन तक नहीं आए। रिक्त 54 पदों के लिए महज 14 आवेदन आए। मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने बताया कि इन 14 आवेदनों में से 8 आवेदन पत्र खारिज हो गए। ये आवेदन शिक्षकों की न्यूनतम 5 वर्ष की परिषदीय परीक्षा का अनुभव नहीं होने के चलते निरस्त किए गए हैं। इस तरह अब 54 पदों के लिए महज 6 सेवारत शिक्षक ही सोमवार को होने वाली परीक्षा में शिरकत करेंगे।
परीक्षा के बावजूद रिक्त हैं शिक्षकों के 24 पद
चंपावत। चंपावत जिले के 8 आदर्श प्राथमिक स्कूल व 4 आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालयों की तस्वीर भी अलग नहीं है। इन स्कूलों में भी छात्र-छात्राओं को पढ़ाने वाले गुरु नहीं मिल पा रहे हैं। और तो और सितंबर में हुई परीक्षा में भी 12 में से सिर्फ 3 शिक्षक इन स्कूलों के लिए चयनित हो सके। चंपावत जिले के 12 आदर्श प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कुल 68 शिक्षकों के पद हैं, लेकिन तैनाती मात्र 44 अध्यापकों की है। इधर जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) सत्यनारायण का कहना है कि अब शिक्षकों की तैनाती के लिए सभी चारों विकासखंडों के उप शिक्षाधिकारियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।