चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश की सौराई ग्राम पंचायत के भनार तोक के ग्राम प्रधान, उप प्रधान और ग्राम पंचायत के तमाम सदस्यों ने तोक में विद्युतीकरण सुविधा न होने के चलते इस्तीफा देने की चेतावनी दी थी। इसके साथ ही उन्होंने दो मई से कलक्ट्रेट में अनशन की बात कही थी। मंगलवार को उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चंपावत डिविजन के कनिष्ठ अभियंता ने एक हफ्ते के अंदर तोक में बिजली पहुंचाने की बात कही जिस पर प्रतिनिधियों ने आंदोलन नहीं करने का निर्णय लिया है।
सौराई ग्राम पंचायत के सौराई, हरतोला तोक में बिजली है लेकिन भनार तोक 2007 में बिजली की लाइन बिछने के बावजूद विद्युतीकरण से वंचित है। इसके चलते यहां के 20 परिवार अंधेरे में रात काटने को मजबूर हैं। तोक के लोग अनेकों बार बिजली के लिए आवाज उठाते रहे, मगर कोई समाधान नहीं निकला। थकहार कर सौराई की ग्राम प्रधान धारू बोहरा और उप प्रधान दान सिंह बोहरा ने 30 अप्रैल तक विद्युतीकरण नहीं होने पर पंचायत के सभी तीन सदस्यों के साथ इस्तीफा देने के साथ ही दो मई से कलक्ट्रेट में अनिश्चित कालीन अनशन करने की चेतावनी दी थी।
मंगलवार को सौराई के प्रधान, उप प्रधान के अलावा ग्राम पंचायत सदस्य दमयंती देवी, माया देवी और सुंदर सिंह इस्तीफा देने के लिए ब्लॉक मुख्यालय गए। वहां बिजली निगम के कनिष्ठ अभियंता आरसी पंत ने उन्हें एक हफ्ते के अंदर भनार तोक में बिजली पहुंचाने का आश्वासन दे आंदोलन न करने का आग्रह किया। इसपर ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने इस्तीफा देने के निर्णय को स्थगित कर दिया।
भनार तोक को विद्युतीकृत करने के लिए बुधवार को विभागीय टीम मौके पर पहुंच जाएगी। एक सप्ताह से कम समय में यहां बिछी लाइन का परीक्षण कर तोक को रोशन कर दिया जाएगा। साथ ही यहां के लोगों को बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
- आरसी पंत, कनिष्ठ अभियंता, यूपीसीएल, चंपावत।