मां पूर्णागिरि धाम की लड़खड़ाई व्यवस्थाओं की खबर छपने के बाद मेला प्रशासन हरकत में आ गया है। शनिवार को मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम अनिल चन्याल ने धाम क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इधर, शुक्रवार रात अंधड़ और बारिश से पूर्णागिरि धाम क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था शनिवार को पूरे दिन बेपटरी रही। अलबत्ता देर शाम तक जल संस्थान की टीम ने क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारु कर दी थी, लेकिन मुख्य मंदिर क्षेत्र की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई हैं।
मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम शनिवार सुबह ही व्यवस्थाओं का जायजा लेने मेला क्षेत्र को रवाना हुए। उन्होंने जलसंस्थान को काली मंदिर से ऊपर मुख्य मंदिर से पहले सात सौ मीटर की चढ़ाई में भी पेयजल की व्यवस्था करने को कहा। मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम ने बताया कि शुक्रवार रात आए अंधड़ और बारिश से मेला क्षेत्र में कोई बड़ा नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से पेयजल व्यवस्था चरमरा गई थी। देर शाम तक जल संस्थान द्वारा ज्यादातर लाइनों को दुरुस्त कर जलापूर्ति सुचारु कर दी गई थी, लेकिन मुख्य मंदिर क्षेत्र में जलापूर्ति सुचारु नहीं हो पाई थी। उन्होंने बताया कि जल संस्थान को मुख्य मंदिर क्षेत्र में भी पानी की व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम ने कहा कि अमर उजाला के माध्यम से छोटे वाहनों को बूम पार्किंग स्थल पर जबरन रोकने की बात पता चली है, जिसे गंभीरता से लिया जा रहा है। कहा कि ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।