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पेयजल किल्लत से कराह रहा है जिला अस्पताल

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चंपावत। जिले का सबसे बड़ा अस्पताल पेयजल किल्लत से कराह रहा है। बीते दस दिनों से जिला अस्पताल की पेयजल लाइन से पानी की एक बूंद नहीं टपकी है, जिस वजह से डॉक्टरों, मरीजों, तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इस कदर खराब है कि अस्पताल के कई शौचालयों में ताला लगाने की नौबत आ गई है। समस्या से निजात दिलाने को अस्पताल प्रशासन ने विभाग के अलावा जिला प्रशासन से भी गुहार लगाई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
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अस्पताल में हर दिन एक हजार लीटर पानी की जरूरत होती है। बीते नौ मार्च को अस्पताल प्रशासन ने अधिशासी अभियंता को पत्र लिख पेयजल समस्या से निजात दिलाने की मांग की। इसके बाद 12 मार्च को विभाग ने 3000 लीटर क्षमता का एक टैंकर जिला अस्पताल को उपलब्ध कराया। ये टैंकर भी अस्पताल की जरूरत को पूरा नहीं कर सका। अस्पताल में 16 शौचालय हैं लेकिन पानी की कमी से दस शौचालयों को बंद करना पड़ा है। बांकी बचे छह शौचालयों से दुर्गंध उठ रही है।

कई काम हो रहे हैं प्रभावित
चंपावत। जिला अस्पताल में पानी की किल्लत से कई काम प्रभावित हो रहे हैं। लेबर रूम, लैब, शौचालय, ऑपरेशन थियेटर, हड्डी रोग विभाग, ड्रेसिंग, दांत रोग विभाग, इमरजेंसी का काम सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।
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जिला अस्पताल में बीते दस दिनों से पेयजल किल्लत बनी हुई है। जल संस्थान को कई बार पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया। अभी तक मात्र एक टैंकर से पेयजल आपूर्ति हुई है। समस्या से डीएम, मुख्य विकास अधिकारी को भी अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. आरके जोशी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।

जिला अस्पताल को पानी सप्लाई करने वाले स्रोत में गिरावट आ गई है। पेयजल स्रोत को रिचार्ज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल में एक दिन छोड़ कर पानी के टैंकर से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। - अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान।
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