टनकपुर (चंपावत)। हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा एवं चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज में अब तक चार महिलाओं को निवाला बना चुका हमलावर बाघ अब भी घटना स्थल शारदा रेंज के ककराली बीट के जंगल में घूम रहा है। ककराली बीट में लगाए गए पिंजरे के आसपास बाघ के पंजे के निशान मिले हैं, जिसके बाद विभाग ने पूर्णागिरि मार्ग पर जंगल और गांव की सीमा पर गश्त बढ़ा दी है।
बाघ ने 22 नवंबर को वन निगम के प्रकाष्ठ डिपो संख्या तीन के पीछे शारदा रेंज के जंगल में पशुओं के लिए चारा लेने गई नयागोठ गांव निवासी पूर्व सैनिक हवलदार मोहन सिंह की पत्नी हेमा देवी (45) को निवाला बना लिया था। घटना के बाद से वन विभाग की टीमें बाघ की गतिविधियों पर नजर रखे हैं। शारदा रेंज के अलावा तराई पूर्वी वन प्रभाग (रामनगर) एवं टांडा रेंज की टीमें हमलावर बाघ की पहचान और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही उसे पकड़ने के प्रयास में जुटी है। इसके लिए जंगल में सीसी कैमरे एवं पिंजरे लगाए गए हैं।
वन क्षेत्राधिकारी गोविंद सिंह रजवार के मुताबिक ककराली बीट के कक्ष संख्या अ में लगाए गए पिंजरे के आसपास बाघ के पंजे के निशान मिले हैं। अनुमान है कि हमलावर बाघ घटना स्थल के आसपास के जंगल में ही घूम रहा हैं। उन्होंने बताया कि बाघ की गतिविधियों को देखते हुए आसपास के गांवों के लोगों को अलर्ट करने के साथ ही गश्त बढ़ा दी गई है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि घटना वाले दिन घटना स्थल के आसपास मिले पंजे के निशान से यह तो तय है कि महिला को बाघ ने ही निवाला बनाया है। बाघ को पिंजरे में कैद कर अन्यत्र ले जाने से पहले हमलावर बाघ की पहचान करना जरूरी है। विभाग की टीम पहचान के प्रयास में जुटी है।
मुआवजा मंजूर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
टनकपुर। बाघ का निवाला बनी हेमा देवी के परिवार के लिए वन विभाग ने तीन लाख रुपये मुआवजा मंजूर किया है, लेकिन मुआवजा देने के लिए विभाग मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहा है। उप प्रभागीय वनाधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मुआवजा घटना के अगले दिन ही मंजूर हो गया था, लेकिन मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट न आने से पीड़ित परिवार को नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलते ही पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि का चेक दे दिया जाएगा।