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11 साल बाद भी एक्सरे मशीन को पहले परीक्षण का इंतजार

Sat, 27 Jun 2015 10:45 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत
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अल्मोड़ा और नैनीताल जिले की सीमा से लगा पाटी तहसील तथा ब्लाक का मुख्यालय है, लेकिन इस इलाके की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमराई है। हाल यह कि अस्पताल भवन दो-दो हैं लेकिन इलाज सिफर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन होने के बाद भी यहां इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लायक भी नहीं है। एक्सरे मशीन होने पर भी यहां कभी एक्सरे नहीं हुए हैं।
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पीएचसी में बीते तीन माह से तीन डॉक्टरों की तैनाती है। शनिवार को भी दो डॉक्टर अस्पताल में मौजूद थे। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी मंजीत सिंह के पास लोहाघाट पीपी अस्पताल का भी चार्ज है, लेकिन दो डॉक्टरों के बावजूद मरीजों की बेहद कम आमद से अस्पताल में सन्नाटे का आलम था। इक्का-दुक्का लोग ही इलाज के लिए आए। 2004 में सासंद कोटे से एक्सरे मशीन लगी, लेकिन एक भी एक्सरे कभी हुआ नहीं। मामूली मर्ज के इलाज के लिए भी यहां से रेफर करना अकेला इलाज है।

बुखार के परीक्षण को भी 28 किमी की लग रही दौड़
चंपावत। सबसे बड़े ग्रामीण क्षेत्र वाले पाटी के पीएचसी से मरीजों को खास उम्मीद नहीं रहती है। इस अस्पताल में पैथोलोजी विंग ही नहीं है। मरीजों को मलेरिया बुखार तक की जांच की सुविधा नहीं है। लैब तकनीशियन का पद सृजित नहीं होने से मरीज किसी तरह के परीक्षण की सहूलियत नहीं पा रहे हैं और वे परीक्षण के लिए 28 किमी दूर लोहाघाट की दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
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