चंपावत। जिला अस्पताल में 24 अक्तूबर को स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों का रोस्टर खत्म हो गया है, लेकिन 14 दिन बीतने के बाद भी अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हुई है। इससे गर्भवतियों को प्रसव के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण 11 गर्भवतियों को प्रसव के लिए अन्य अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी।
चंपावत अस्पताल में रोस्टर खत्म होने के बाद, तीन जिलों की नौ स्त्री रोग विशेषज्ञों के जाने के बाद गर्भवतियों के इलाज का जिम्मा एलएमओ संभाल रही हैं। इससे अस्पताल में अब सिर्फ सामान्य प्रसव ही हो पा रहे हैं। अस्पताल से 24 अक्तूबर से अब तक 11 गर्भवतियों को रेफर किया गया है। इसमें चंपावत, पाटी, लोहाघाट और बाराकोट की महिलाओं को प्रसव कराने के लिए निजी अस्पताल या फिर अन्य जिलों की दौड़ लगानी पड़ी।
जिला अस्पताल में 24 अक्तूबर को स्त्री रोग विशेषज्ञों का रोटेशन समाप्त हो गया था। इसकी शासन स्तर पर पूर्व में ही जानकारी दी थी। अस्पताल में सामान्य प्रसव अस्पताल की एलएमओ कर रही हैं। गंभीर मामलों में बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ के रेफर करना मजबूरी बन गया है। शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। -डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ चंपावत