टायरों के अभाव में खड़ी आपात सेवा 108।
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जिले की 108 आपातकालीन चिकित्सा सेवा इन दिनों पाटी में ठप पड़ी हुई है। यहां यह सेवा बीते पांच दिनों से काम नहीं कर रही है। इसके चलते आपातकालीन स्थिति में लोगों को परेशानी हो रही है। वह प्राइवेट वाहनों से इलाज के लिए जाने को मजबूर हैं।
तहसील व ब्लाक मुख्यालय पाटी की आपात चिकित्सा सेवा 108 बीते पांच दिनों से ठप है। आमतौर पर लोगों की मददगार रही यह सेवा इन दिनों जरूरत के वक्त साथ नहीं दे पा रही है। इसकी वजह टायरों की कमी है। इस आपात सेवा के वाहन के दो टायर आवाजाही लायक नहीं रह गए हैं। जिस कारण 12 जुलाई के बाद 108 सेवा बंद है। लोगों का कहना है कि आपात सेवा का संचालन बाधित होने से निर्धन वर्ग को सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रही है। उन्हें उपचार के लिए जेब ढीली कर लोहाघाट सीएचसी, चंपावत जिला अस्पताल अथवा हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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पाटी की 108 सेवा के दो टायर पुराने पड़ गए हैं। टायरों को बदले बगैर ये सेवा आवाजाही लायक नहीं है। टायरों के लिए राज्य समन्वयक से आग्रह किया गया है। टायरों की व्यवस्था होने के बाद अगले सप्ताह तक यह सेवा सुचारु हो जाएगी।
हिम्मत चंद, जिला समन्वयक, 108 सेवा, चंपावत।
जिले की चार सेवाएं सुचारु है
चंपावत जिले में पाटी के अलावा चार अन्य आपात चिकित्सा सेवा 108 हैं। चंपावत, टनकपुर, लोहाघाट और रीठा साहिब की सेवा फिलहाल सुचारु है। अमोड़ी और बाराकोट में लंबे समय से 108 सेवा की मांग की जाती रही है। बाराकोट विकासखंड में इस सेवा को शुरू करने का जनवरी 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ऐलान किया था, मगर यह घोषणा जमीनी हकीकत में नहीं बदल पाई।