चंपावत। गोलज्यू ग्रीष्मोत्सव की व्यापारिक गतिविधियां थम गई हैं। बृहस्पतिवार को मेले में लगाई गई दुकानों की समयावधि खत्म हो गई। हथकरघा प्रदर्शनी में 42 दुकानें लगी हुई थी। इसके अलावा झूले, चरखे और रेल आदी मनोरंजन के साधनों को भी हटा लिया गया है। प्रदर्शनी में सामान न बिकने से बाहरी क्षेत्रों से आए व्यापारी मायूस नजर आए।
इसरार हुसैन, शाहिद हुसैन, गुड्डू और मोहम्मद अशरफ का कहना था कि मेला कमेटी ने नौ मई से 22 मई तक हथकरघा प्रदर्शनी में दुकानें लगाने की बात कही थी। जबकि प्रदर्शनी 12 मई से शुरू हो पाई। इसके अलावा अब उनसे समय से पहले ही उन्हें दुकानें हटाने के लिए कहा गया। जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
इन व्यापारियों का कहना है कि उन्हें नौ मई के बजाय 12 मई से दुकानें उपलब्ध कराई गई। साथ ही 22 मई के बजाय 17 मई को ही दुकानें खाली करने के लिए कहा जा रहा है। जिससे उनका सामान नहीं बिक पा रहा है। उधर आयोजन समिति अध्यक्ष प्रकाश तिवारी का कहना है कि स्थानीय व्यापारियों के साथ हुई बैठक में नौ मई से 16 मई तक दुकानें खोले जाने पर सहमति बनी थी। उनका कहना है कि ठेकेदार ने समय से दुकानें नहीं बनाई। जिससेे हथकरघा प्रदर्शनी 12 मई से शुरू हो सकी।