चंपावत। रंगों के पर्व होली को खुशगवार बनाने के लिए रंगों के चयन में सावधानी बरतनी जरूरी है। मिलावटी रंग सेहत पर भारी पड़ सकती है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी का कहना है कि फूल वाले नेचुरल रंगों से ही होली खेलना सुरक्षित हैं। माथे व गाल पर कम से कम रंग लगाएं। आंख में रंग लगने पर नेत्र विकार का खतरा रहता है। होली खेलने में पानी के अधिक इस्तेमाल से वायरल फीवर का खतरा भी बढ़ जाता है। मिलावटी रंग व अबीर-गुलाल को शरीर में मलने से शरीर में दाने, त्वचा संबंधी रोग से लेकर सांस की नली की एलर्जी तक का अंदेशा होता है।
बड़ी होली को अस्पताल में रहेगी चाक-चौबंद व्यवस्था
बड़ी होली में चंपावत में चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल में शुक्रवार को डॉक्टरों व पैरा मेडिकल कर्मियों की टीम मौजूद रहेगी। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि होली के पर्व पर मुख्य रूप से चोट लगे लोग अधिक आते हैं। अस्पताल में इमरजेंसी के लिए हर वक्त पुख्ता व्यवस्था की गई है।