चंपावत। जिला मुख्यालय में रविवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। बादल छाए रहने से ठंड में इजाफा हो गया। हालांकि पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों को मायूस होना पड़ा। बाद में धूप निकल आई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। जिला मुख्यालय में दो एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने 24 और 25 फरवरी को बारिश होने की संभावना जताई थी, लेकिन बीते दो दिनों में नाममात्र की ही बारिश हुई। बारिश नहीं होने से किसान मायूस है। काश्तकार देब सिंह, मोहन पांडेय का कहना है कि बारिश न होने से आलू की बुवाई में देरी हो रही है। इसके अलावा गेहूं की फसल के लिए बारिश वरदान साबित हो सकती थी। बारिश नहीं होने से पेयजल स्रोत भी रिचार्ज नहीं हो सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग में कीचड़
चंपावत। बारिश होने से बारहमासी सड़क में यात्रा करना जोखिमभरा हो गया है। रविवार को बनलेख के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग में भारी मात्रा में कीचड़ हो गया, जिससे दुपहिया और चौपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया। स्थानीय नागरिक कमल जोशी और मुरलीधर भट्ट ने बताया कि बनलेख से ताड़केश्वर के बीच सड़क में मिट्टी फैली हुई है।
तेज हवाओं से उड़े सतत विकास के फ्लैक्स
चंपावत। रविवार सुबह बूंदाबांदी के बाद तेज हवाएं भी चली, जिससे कुछ देर के लिए मौसम सर्द हो गया। तेज हवा चलने से कलक्ट्रेट में लगे सतत विकास कार्यक्रम के फ्लैक्स हवा में उड़ कर पूरे परिसर में फैल गए।