चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर स्थित बस्टिया गांव (टनकपुर से आठ किलोमीटर दूर) के लोगों को अब प्रतिबंधित वक्त में आवाजाही (रात 7 से सुबह 5 बजे तक) करने की अनुमति मिल गई है। अमर उजाला ने बस्टिया के लोगों की इस दिक्कत को 11 फरवरी से कई बार प्रमुखता से उठाया था और अब इसका असर हुआ है।
स्वांला हादसे के बाद से टनकपुर से चंपावत और पहाड़ की ओर आने वाले किसी भी वाहन को प्रतिबंधित वक्त पर नहीं जाने दिया जा रहा था। बस्टिया के लोगों को भी ककरालीगेट बैरियर से आगे वाहन ले जाने की इजाजत नहीं थी। ग्राम प्रधान नवीन बोहरा का कहना है कि इसके चलते बस्टिया के लोगों को भी कई बार टनकपुर में रात काटने को मजबूर होना पड़ा।
अलबत्ता लोगों के विरोध के बाद अब पुलिस प्रशासन ने पहचान पत्र दिखाकर बस्टिया के लोगों को अनुमति दे दी है। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने इस संबंध में टनकपुर के कोतवाल को आदेश दिए हैं। कहा कि बस्टिया में रहने का प्रमाण देने पर गांव वालों को प्रतिबंधित समय में भी आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।