चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के टनकपुर से घाट तक के 122 किमी हिस्से में डेंजर जोन में मार्च तक बचाव के उपाय कर दिए जाएंगे। टनकपुर-चंपावत के 75 किमी के खतरनाक बिंदुओं के चयन के बाद मंगलवार को चंपावत से घाट के बीच खतरे वाले आठ डेंजर जोन का चयन किया गया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी पीएस कफलिया, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के नेतृत्व में पुलिस व एनएच खंड की टीम ने चयन किया। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि टनकपुर से घाट तक कुल 39 डेंजर जोन पाए गए हैं। इन जगहों में खाई वाले हिस्सों में बचाव के उपाय कराए जाएंगे। एनएच खंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि बारहमासी सड़क का काम करा रही कंपनी बचाव के इस काम को भी करेगी।
खतरे वाले 11 नए जोन चयनित
राष्ट्रीय राजमार्ग में टनकपुर से चंपावत के बीच 75 किमी मोटर मार्ग में खतरे वाले 11 नए जोन चयनित किए गए हैं। बेलखेत, चल्थी पुल, सिन्याड़ी, स्वांला, अमोड़ी, बस्टिया में 11 नए डेंजर जोन चयनित किए गए हैं। इस तरह 75 किमी के इस मोटर मार्ग में अब 31 डेंजर जोन हैं।