चंपावत। साक्षरता मिशन के अंतर्गत जिले में संचालित किए जा रहे आठ लोक शिक्षा केंद्रों को केंद्र सरकार की ओर से लोक साक्षरता कार्यक्रम के तहत आदर्श केंद्र घोषित किया गया है।
जिले में साक्षरता मिशन के तहत 289 लोक साक्षरता केंद्रों में से वर्तमान में 281 केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। जिनमें से आठ लोक शिक्षा केंद्र आदर्श (मॉडल) केंद्र घोषित किए गए हैं। साक्षरता कार्यक्रम के जिला समन्वयक महेश चंद्र जोशी के अनुसार भारत सरकार की ओर से बाराकोट विकासखंड के काकड़ और कामाज्यूला साक्षरता केंद्र, चंपावत में बनबसा की बमनपुरी और चौड़ाराजपुरा केंद्र, लोहाघाट विकासखंड के कलीगांव और कलचौड़ा साक्षरता केंद्र तथा पाटी विकासखंड में सांसद आदर्श गांव रौलामेल और मूलाकोट लोक साक्षरता केंद्र को आदर्श केंद्र के रूप में चयनित किया गया है।
गौरतलब है कि इस वर्ष अप्रैल माह में समाप्त होने वाले साक्षरता मिशन को केंद्र सरकार की ओर से छह माह तक के लिए बढ़ाया गया है। जिसकी अवधि सितंबर माह में समाप्त होगी। उसके बाद साक्षरता मिशन के स्थान पर समतुल्यता अभियान संचालित किया जाएगा। वर्तमान में जिले में संचालित किए जा रहे लोक साक्षरता केंद्रों में 562 लोक शिक्षा प्रेरक तैनात किए गए हैं, जिन्हें तीन हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय का भुगतान किया जा रहा है।
बीस अगस्त को होगी अंतिम बुनियादी साक्षरता परीक्षा
चंपावत। साक्षरता मिशन के तहत प्रतिवर्ष दो बार निरक्षरों की बुनियादी साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाती है। लेकिन अब साक्षरता मिशन के स्थान पर समतुल्यता मिशन संचालित किए जाने के कारण इस वर्ष 20 अगस्त को निरक्षरों की अंतिम बुनियादी साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाएगी।