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100 साल के दान सिंह 27 बार डाल चुके हैं वोट

Sun, 24 Jan 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
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 कुपोषण की मार वन रावतों में आम है, बावजूद इसके आदिम समाज के एक शख्स ने उम्र का शतक पूरा कर लिया है। खिरद्वारी गांव में रहने वाले वनरावत दान सिंह एकमात्र शतायु वनरावत वोटर हैं। 1952 से अब तक वह 27 बार विभिन्न चुनावों में मतदान कर चुके हैं।
निरक्षर दान सिंह को बेशक किताबी ज्ञान न हो, मगर उन्होंने लोकतंत्र और वोटरों के बदलते मिजाज को बखूबी महसूस किया है। उनका कहना है कि विकास भले ही न हुआ हो, मगर पोलिंग बूथ का फासला जरूर कम हो गया है। 23 किलोमीटर का फासला अब 500 मीटर रह गया है। इन वनरावतों का खिरद्वारी प्राथमिक स्कूल में मतदान केंद्र है।
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मूल रूप से गानागांव (जौलजीबी) निवासी बुजुर्ग दान सिंह 1948 में चंपावत जिले के खिरद्वारी में बस गए। उनका कहना है कि 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव से अब तक करीब 64 साल में वे अलग-अलग चुनावों में 27 बार वोट दे चुके हैं। 2014 के लोकसभा के चुनाव में भी उन्होंने न केवल खुद वोट डाला, बल्कि दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया। एक हिंदुस्तानी की हैसियत से उन्होंने हर बार वोट की ताकत का महत्व समझा और वोट डाला। लेकिन उनकी शिकायत भी है, वह कहते हैं राजनीति में दिखावा बढ़ रहा है।
 राजनीति के मौजूदा ढर्रे से गरीबों के हालात नहीं बदल रहे हैं। बहरहाल उनका मानना है कि लोगों की जागरूकता और जाति-मजहब से उपर उठ वोट करने से सियासत का चेहरा भी जरूर बदलेगा।
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  सिंह ने बताया पहले चुनाव में वे करीब 23 किलोमीटर पैदल चलकर वोट देने पहुंचे थे। तब चुनाव प्रचार का माध्यम नहीं होता था, भौगोलिक दूरी भी बहुत ज्यादा थी। चुनाव निशान की जानकारी देने के लिए राजनीतिक दलों की चिट्ठी आती थी लेकिन अब चुनावी तौर-तरीके जरूर बदल गए है। चेहरों मेें झुर्रियों के बावजूद 100 साल के इस वनरावत में युवाओं जैसा जोश है। कहा कि अगर वे जीवित रहे, तो 2017 विधानसभा चुनाव में भी जरूर वोट करेंगे।

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