मौजूदा वित्त वर्ष बीतने में अब एक महीना बाकी है। इस वक्त कई विभागों को वसूली के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। ये महीना उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड का भी कड़ा इम्तिहान लेगा। विभाग को मौजूदा वित्त वर्ष का करीब 43 प्रतिशत राजस्व इस एक महीने में वसूलना है।
यूपीसीएल के चंपावत डिवीजन के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष में विभाग की वसूली का 24.15 करोड़ रुपये का लक्ष्य है, मगर अब तक वसूली 13.60 करोड़ ही हो सकी है, यानि एक महीने में 10.55 करोड़ की वसूली की जानी है। विभाग का कहना है कि बड़े बकाएदारों पर शिकंजा कसने के साथ ही वसूली में तेजी के लिए शिविर लगाने के अलावा अभियान भी चलाया जाएगा। विभाग की पिछले साल की वसूली 20.26 करोड़ के सापेक्ष 15.34 करोड़ ही हो सकी थी।
मार्च में 46 प्रतिशत वसूली करनी है जल संस्थान को
आम नागरिकों को पानी पिलाने वाला विभाग जल संस्थान इस समय खुद पानी मांगता नजर आ रहा है। उसकी वसूली की गति खासी सुस्त है। 2015-16 के पहले 11 माह में वह करीब 54 प्रतिशत राजस्व ही वसूल सका है। जल संस्थान के चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष में 289.77 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य है। अब तक 156.29 लाख रुपये वसूले जा सके हैं, यानि करीब 46.02 प्रतिशत रकम मार्च महीने में वसूलने का बड़ा लक्ष्य विभाग के सामने हैं। इसके लिए विभाग घर-घर जाकर वसूली अभियान चलाएगा। अलबत्ता विभाग ने पिछले वित्त वर्ष में 256.64 लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 267.05 लाख (104 प्रतिशत) रुपये का राजस्व अर्जित किया था।
काटी गई 16 आरसी
जल संस्थान ने बकाएदारों से वसूली के लिए घर-घर अभियान चलाने के अलावा कनेक्शनों को काटने की चेतावनी भी दी है। वहीं जल संस्थान ने 16 उपभोक्ताओं की वसूली प्रमाणपत्र (आरसी) काटी है। इन 16 उपभोक्ताओं से 9.79 लाख रुपये वसूलना है।