सप्ताह भर विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी जब बंद सड़क को खोलने पर बात नहीं बनी तो तहसील के चिड़िंगा मल्ला गांव के युवाओं ने खुद गैंती, बेलचा और फावड़े उठाकर तीन घंटे तक पसीना बहाया और सड़क को हल्के वाहनों के लिए खोल दिया। हालांकि नौ गांवों में से केवल 4 गांवों के लिए ही यातायात सुचारु हो पाया।
नवयुवक मंगल दल चिड़िंगा मल्ला ने गांव में बैठक कर बुधवार से सड़क खोलने का काम शुरू किया था। नवयुवक मंगल दल के अध्यक्ष नवीन जोशी ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर 11 बजे करीब अखोड़सारी और ग्वाई गदेरे में से पूरा मलबा हटा दिया गया। जिसके बाद चिड़िंगा मल्ला तक वाहनों की आवाजाही सुचारु कर दी गई।
ग्राम प्रधान सुरेशानंद ने बताया कि तहसील मुख्यालय से चिड़िंगा मल्ला, चिड़िंगा स्टेट, चिड़िंगा खालसा, अखोड़सारी, जौला, बुड़जौला, त्रिकोट, सेरा और विजयपुर के लिए पीएमजीएसवाई के तहत 9 किमी लंबा मोटर मार्ग है, लेकिन बारिश के चलते मोटर मार्ग अखोड़सारी और ग्वाई गदेरे में पिछले एक सप्ताह से बंद था। साथ ही चिंड़िगा मल्ला से जौला, बुड़जौला, त्रिकोट, सेरा और विजयपुर गांवों को जोड़ने के लिए भी कई जगह मार्ग पर बोल्डर और मलबा गिरा था।
युवाओं को प्रोत्साहन करने में उपाध्यक्ष हरीश राम, रमेश चन्द्र सती, प्रकाश राम, अजय पंवार, उमेश चन्द्र, मनोज जोशी, श्रीकांत, राकेश सिंह रावत, दर्शन् कुमार, गुडडू जोशी आदि का सहयोग रहा।
विभाग के पास एक जेसीबी मशीन है। जो कुराड़ पार्था पर काम रही थी। जहां तक युवाओं ने सड़क खोली है उसके आगे विभाग की जेसीबी काम करेगी। जल्द पूरी सड़क को आवागमन के लिए सुचारु कर दिया जाएगा।
बीएस रावत ईई पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग।