विश्व प्रसिद्ध रम्माण स्थल सलुड़ गांव में इस वर्ष विश्व प्रसिद्ध रम्माण मेला आयोजित नहीं होगा। ऐसा इतिहास में पहली बार हो रहा है जब गांव में रम्माण मेले का आयोजन नहीं होगा। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कोरोना की जंग जरुरी है, मेला अगले साल आयोजित किया जाएगा। इस बार सिर्फ सादगी के साथ एक सप्ताह तक भगवान श्रीराम, मां भगवती, भूमियाल देवता व अन्य देवी-देवताओं की पूजारियों द्वारा पूजा अर्चना की जाएगी। वैशाखी के पावन पर्व पर सलूड़ गांव में प्रतिवर्ष रम्माण मेले की तिथि घोषित होती है। लेकिन इस वर्ष मेले की तिथि ही घोषित नहीं हुई। रम्माण मेला समिति के संयोजक डा. कुशल सिंह भंडारी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण मेले का आयोजन निरस्त किया गया है। सात दिनों तक सिर्फ पुजारियों के द्वारा मुखोटा पूजन व अन्य देवी-देवताओं की पूजा अर्चना की जायेगी। इतिहास में यह पहला अवसर है जब गांव में रम्माण मेला आयोजित नहीं हो रहा है।
वर्ष 2009 में रम्माण को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त हुआ था, रम्माण में ढोल दमाऊ की थाप पर संपूर्ण रामायण आयोजित होती है। जिसे देखने के लिये भारी संख्या में श्रद्धालु मेले को देखने की लिए सलूड़ गांव पहुंचते हैं।