जिला सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की अदालत ने महिला से मारपीट के आरोप में एक व्यक्ति को 11 माह 15 दिन के कारावास की सजा सुनाई। मामला तीन फरवरी 2015 का है।
मौली हुडूंग गांव निवासी बिंदी देवी ने पटवारी गौंणा को दी तहरीर में जमन सिंह को अपना पति बताकर उस पर जान से मारने के इरादे से वार करने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि उसने जैसे-तैसे अपने और बच्चों की जान बचाई। पटवारी ने मामला पंजीकृत कर जान से मारने के प्रयास सहित कई अन्य धाराओं में जमन सिंह को दोषी पाते हुए गिरफ्तार किया।
मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश चमोली की अदालत में पहुंचा। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की लंबी बहस सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा ने बहस में पाया कि बिंदी देवी अभियुक्त की विवाहिता पत्नी नहीं है।
राजस्व विभाग की ओर से जमन सिंह पर लगाए गए आरोप भी सिद्ध नहीं हुए। लिहाजा जमन सिंह को सभी धाराओं से दोषमुक्त किया गया।
नारी सम्मान को देखते हुए जमन सिंह को मारपीट का दोषी करार देते हुए 11 माह 15 दिन के कारावास की सजा सुनाई।
जज ने सुनवाई के दौरान कहा कि जहां महिलाओं की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता यूएस भंडारी और देवेंद्र गुसाई ने पैरवी की।