दशोली ब्लॉक के 11 गांवों को यातायात से जोड़ने वाला 23 किमी चमोली-लस्यारी-भतंग्याला मोटर मार्ग करीब 16 किमी तक जानलेवा बना है। सड़क पर नव्वा गांव के समीप मोटर पुल दो सालों से निर्माणाधीन है, जिस कारण यहां पर वाहन गदेरे से होकर गुजर रहे हैं।
वर्ष 2009 में शुरू हुए सड़क का काम 2011 में पूरा हुआ। ढाई करोड़ की लागत से यह सड़क बनी। अब स्थिति यह है कि 23 किमी मोटर मार्ग 16 किमी तक बदहाल बना है। कहीं आपदा में सड़क बह चुकी है तो कहीं कहीं हिल कटिंग अधूरी पड़ी हुई है।
चमोली-लस्यारी-भतंग्याला मोटर मार्ग शुरुआत में सात किमी लोनिवि के अधीन है और 16 किमी सड़क संरक्षण का जिम्मा पीएमजीएसवाई संभाले है। सड़क से फरस्वाण फाट क्षेत्र के रांगतोली, हरमनी, लस्यारी, लासी, मजोठी, नव्वा, सेम-डुंगरा, मैड़-ठेली, नेथोली, सरतोली और भतंग्याला गांवों के ग्रामीण वाहनों से आवाजाही करते हैं।
रांगतोली गांव से भतंग्याला तक सड़क तीखे मोड़, तीव्र ढलान और संकरी है, जिससे खतरनाक स्थानों पर ग्रामीण वाहनों के बजाय पैदल आवाजाही करते हैं। मैड़-ठेली गांव के प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि क्षेत्र पंचायत की प्रत्येक बैठक में सड़क सुधारीकरण का मुद्दा उठाया जाता है, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।