ग्राम पंचायत की प्रथम बैठक में ग्रामीण बोले-किसी भी समारोह में नहीं परोसी जाएगी शराब
पुलिस की मौजूदगी में लिया निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। विकासखंड ज्योतिर्मठ की ग्राम पंचायत लामबगड़ खीरों के ग्रामीणों ने रामलीला मंच से भगवान राम को साक्षी मानते हुए शराबबंदी की शपथ ली। ग्रामीणों ने किसी भी शादी समारोह व अन्य कार्यों में शराब को पूरी तरह से बंद करने का संकल्प लिया।
लामबगड़ खीरों गांव में रविवार को ग्राम प्रधान मीना चौहान की अध्यक्षता में प्रथम बैठक हुई जिसमें ग्रामीणों के साथ ही पुलिस को भी आमंत्रित किया गया था। बैठक में शराब के बढ़ते चलन पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि शराब के बढ़ते चलन से गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसका प्रभाव परिवारों पर भी पड़ रहा है। सबसे ज्यादा युवा पीढ़ी और बच्चों पर इसका बहुत ही बुरा असर पड़ रहा है। इसलिए गांव में अब शराबबंदी जरूरी है। रामलीला मंच पर आयोजित बैठक में ग्राम प्रधान मीना चौहान ने सभी ग्रामीणों को शराबबंदी की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि गांव में 136 परिवार रहते हैं। गांव में अब कोई भी व्यक्ति की ओर से शादी, मुंडन सहित किसी भी सामाजिक कार्य में शराब नहीं परोसी जाएगी। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो उनपर कार्रवाई की जाएगी। शराबबंदी को लेकर पुलिस से भी सहयोग की उपेक्षा की गई। बैठक में महिला मंगल दल अध्यक्ष गीता देवी, सरपंच पुष्पा देवी, बीडीसी सदस्य प्रदीप चौहान, नव युवक मंगल दल अध्यक्ष बलराम चौहान और पूर्व प्रधान अनूप चौहान आदि ग्रामीण मौजूद रहे।