ग्रामीणों ने कहा-पहले हमारी सुरक्षा करें प्रशासन, फिर दें विस्फोट करने की अनुमति
अलकनंदा पर निर्माणाधीन 444 मेगावाट की पीपलकोटी-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के सुरंग निर्माण में किए जा रहे विस्फोटों से हरसारी गांव के ग्रामीण भयभीत हैं। उनका कहना है कि सरकार पहले हमारी सुरक्षा करे इसके बाद कंपनी को विस्फोट की अनुमति दे। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में ऐसे ही विस्फोट होते रहें तो हरसारी गांव का भी जोशीमठ जैसा हाल देखने को मिल सकता है।
परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2003 में शुरू हुआ था। विश्व बैंक की मदद से बन रही चार हजार करोड़ की इस परियोजना पर हेलंग (जोशीमठ से 10 किलोमीटर दूर) से पीपलकोटी तक 13.4 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जाना है। हरसारी गांव की 76 वर्षीय धुरी देवी, तारेंद्र जोशी और ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल का कहना है कि परियोजना निर्मात्री कंपनी टीएचडीसी की ओर से सुरंग निर्माण में अंधाधुंध विस्फोट किए जा रहे हैं। जिससे उनके मकानों में दरारें आ गई हैं। सुबह से लेकर रात तक विस्फोट होने से क्षेत्र में जमीन हिल रही है। परियोजना निर्माण में तकनीकी एवं पर्यावरणीय पहलुओं का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि हरसारी गांव में मौजूदा समय में 12 परिवार रह रहे हैं लेकिन परियोजना निर्माण से उनका जीना मुहाल हो गया है। मांग उठाई गई कि प्रशासन हमारे मकानों की जांच करे। टीएचडीसी के प्रबंध निदेशक आरएन सिंह का कहना है कि सुरंग निर्माण में नियंत्रित विस्फोट किए जा रहे हैं। हरसारी गांव के ग्रामीणों को पूर्व में मुआवजा लेकर भूमि को छोड़ने के लिए कहा गया था लेकिन ग्रामीण नहीं माने।