कोरोना संक्रमण को देखते हुए क्षेत्र का प्रसिद्ध नौठा कौथिग सोमवार को प्रतीकात्मक रूप से मनाया गया। सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए भगवान आदिबदरी को खेती के मालगुजार ने नया अनाज चढ़ाया और मंदिर प्रांगण में सिर्फ दो युवाओं ने सामाजिक दूरी बनाकर प्रतीकात्मक रूप से लाठी-डंडों से युद्ध किया।
जुलगढ़ गांव के रामचंद्र कुंवर बताते हैं कि सोमवार को खेती के मालगुजार दिनेश पंवार 11 बजे गांव के कुछ ग्रामीणों के साथ आदिबदरी पहुंचे। मंदिर के मुख्य द्वार पर मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विनोद नेगी और महासचिव गैंणा रावत ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। परंपरा के अनुसार विनोद नेगी ने मालगुजार को सरज की काली टोपी पहनाकर तलवार भेंट की। उसके बाद उन्होंने भगवान आदिबदरी की पूजाकर उन्हें नए अनाज का भोग लगाया। इस अवसर पर मंदिर समिति के महासचिव गैंणा रावत, कोषाध्यक्ष नरेश बरमोला, विजय चमोला, पुजारी चक्रधर थपलियाल, नरेंद्र चाकर, धर्म पंवार, गंगा सिंह और जीत सिंह मौजूद थे।