वन अधिनियम में फंसी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की दो सड़कों को क्लीयरेंस मिल गई है। इससे पांच गांवों की दो हजार की आबादी को सड़क सुविधा का लाभ मिल सकेगा। ग्रामीण अभी तक 5 से 10 किमी की पैदल दूरी नापकर गांवों तक पहुंचते हैं।
ब्लाक के दूरस्थ गांव गबनी तल्ला, गबनी मल्ला सहित रानीगढ़ पट्टी के अंगोथ, दुआ तथा ढमढमा सहित आसपास के गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी। हालांकि गौचर से दुआ और बगोली से चूला तक लोनिवि की ओर से सड़क का आधा-अधूरा निर्माण किया गया था, लेकिन सड़कों का निर्माण पूरा न होने और लोनिवि की लापरवाही के चलते दो साल पहले दोनों सड़कों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के हवाले कर दिया गया।
इसके बाद पीएमजीएसवाई को गौचर-दुआ-ढमढमा के लिए 26 किमी और बगोली-चूला-गबनी के लिए साढ़े 13 किमी की स्वीकृति मिली। दो सालों से वन अधिनियम के चलते दोनों सड़कों की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई।
पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता हुकुम सिंह ने बताया कि गौचर-दुआ-ढमढमा सड़क को वन अधिनियम से स्वीकृति मिल चुकी है। इसी सड़क में ढाई किमी की लिंक सड़क अंगोथ होते हुए दुआ के लिए और 10 किमी सड़क सीधे ढमढमा के लिए बनाई जाएगी। चूला से गबनी मल्ली तक सात किमी नई सड़क के लिए जल्द टेंडर लगाए जाएंगे।
वहीं गबनी के पूर्व प्रधान धीरेंद्र सिंह भंडारी, चमोली जिला मोटर यातायात समिति के अध्यक्ष महेश खंडूड़ी आदि ने कहा कि इन सड़कों की स्वीकृति से करीब पांच से अधिक गांवों की दो हजार से अधिक आबादी को लाभ मिल पाएगा।