मथकोट गांव में एक परिवार के तीन बच्चों ने घर में रखी एक्सपायरी डेट की दवा पी ली। इससे तीनों बच्चों की हालत बिगड़ गई। उन्हें बेहोशी की हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घाट में भर्ती कराया गया, जहां बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डाक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर भेज दिया है।
मथकोट गांव निवासी रघुवीर लाल की सात वर्षीय बेटी राखी, चार वर्षीय पुत्र सूर्यवंशम और पांच वर्षीय पुत्र भानु ने रविवार शाम करीब पांच बजे खेल-खेल में घर में रखी एक्सपायरी डेट की दवा पी ली।
रात को तीनों बच्चे अचानक बेहोश हो गये। कुछ देर तक तो परिजन समझ ही नहीं पाए कि बच्चों को क्या हुआ है। रघुवीर और उसकी पत्नी ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी।
ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चों को बेहोशी की हालत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घाट लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बच्चों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। बताया जाता है कि शाम को जिस कमरे में बच्चे खेल रहे थे, वहां दवाई की शीशी खाली पड़ी हुई थी, जिससे परिजन अनुमान लगा रहे हैं कि उन्होंने यह एक्सपायरी डेट की दवा पी ली होगी।
तत्काल नष्ट कर लें एक्सपायरी डेट की दवा
घर में एक्सपायरी डेट की दवा रखना बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। चमोली के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. बीएस पाल ने कहा कि खांसी या अन्य दर्द निवारक गोलियां और सिरप एक्सपायरी डेट का हो जाने पर उन्हें शीघ्र डिस्पोज कर देना चाहिए।
बच्चों को घोलकर दी जाने वाली दवा को एक या दो बार देने के बाद स्वत: ही डिस्पोज कर देना चाहिए क्योंकि ऐसी दवा से शरीर को नुकसान होने का खतरा बना रहता है।