बदरीनाथ धाम में अब डीजल और पेट्रोल के साथ ही रसोई गैस की किल्लत नहीं होगी। धाम में पेट्रोल पंप के साथ ही 600 सिलेंडरों की क्षमता का रसोई गैस गोदाम भी बनकर तैयार हो गया है। सब कुछ ठीक रहा तो वर्ष 2021 से धाम में इन आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई सुचारु हो जाएगी।
बदरीनाथ हाईवे के बार-बार बंद होने से बदरीनाथ धाम में हर वर्ष पेट्रो पदार्थ के साथ ही रसोई गैस की किल्लत बनी रहती है। साथ ही धाम में प्रतिवर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है, लेकिन जोशीमठ के बाद धाम तक (46 किमी) कहीं भी पेट्रोल पंप नहीं है। ऐसे में तीर्थयात्रियों के साथ ही माणा गांव और बदरीनाथ के स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बदरी-केदार मंदिर समिति ने धाम में पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए आईओसी (इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन) को बस अड्डे के समीप भूमि उपलब्ध कराई, जिस पर वर्ष 2018 से पेट्रोल पंप का निर्माण शुरू हुआ था जो अब पूरा हो गया है। उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि आगामी सीजन से बदरीनाथ में पेट्रोल पंप का संचालन शुरू हो जाएगा। वहीं, जिला पर्यटन विभाग की ओर से धाम में 600 सिलेंडर की क्षमता का रसोई गैस गोदाम भी बनकर तैयार हो गया है। इसका फायदा बदरीनाथ धाम के साथ ही माणा गांव, लामबगड़ और हनुमान चट्टी के ग्रामीणों को मिलेगा। साथ ही धाम के होटल, रेस्टोरेंट व धर्मशालाओं में रसोई गैस की किल्लत नहीं रहेगी। जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजेंद्र पांडे ने बताया कि अगले साल बदरीनाथ धाम में रसोई गैस गोदाम का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। गढ़वाल मंडल विकास निगम की ओर से गैस गोदाम का संचालन किया जाएगा।