संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घाटी में ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। घाटी एक जून को खोल दी जाती है और 31 अक्तूबर को बंद कर दी जाती है। घाटी में दुर्लभ वन्यजीव विचरण करते रहते हैं जिससे यहां आम लोगों की आवाजाही बंद रहती है।
फूलों की घाटी का निरीक्षण करने गई नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क वन प्रभाग की टीम लौट आई है। टीम को घाटी में कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली। घाटी में पहुंची टीम के सदस्यों ने ग्लेशियर प्वाइंट को पार कर घाटी का निरीक्षण किया। हालांकि फूलों की घाटी बर्फ से ढकी हुई है।
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फूलों की घाटी में बर्फबारी के दौरान वन्यजीवों के अवैध शिकार व वनस्पतियों के अवैध दोहन के तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। घाटी में इन्हीं अवैध गतिविधियों का निरीक्षण करने के लिए टीम वहां पहुंचती है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घाटी में ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। घाटी एक जून को खोल दी जाती है और 31 अक्तूबर को बंद कर दी जाती है। घाटी में दुर्लभ वन्यजीव विचरण करते रहते हैं जिससे यहां आम लोगों की आवाजाही बंद रहती है।
घाटी में बर्फबारी के बाद वन्यजीव तस्कर भी सक्रिय हो जाते हैं जिन पर कड़ी नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम समय-समय पर फूलों की घाटी का निरीक्षण करने पहुंचती है। फूलों की घाटी की वनक्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि अभी घाटी पूरी तरह से बर्फ से ढकी हुई है। घाटी में अवैध गतिविधियां नजर नहीं आई है। इसलिए टीम लौट आई है।