थराली-डुंगरी सड़क आठ माह बाद भी क्षतिग्रस्त, राहगीर परेशान
- बीते वर्ष आई आपदा के दौरान बादल फटने से क्षतिग्रस्त हुई थी सड़क
थराली। बीते वर्ष आई आपदा के आठ माह बाद भी थराली-डुंगरी मोटर मार्ग की स्थिति जस की तस बनी हुई है। बादल फटने से क्षतिग्रस्त हुई इस सड़क के आवाजाही करने वाले लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
आपदा में राड़ीबगड़, केदारबगड़, बैरकांडे और कोटडीप में भारी नुकसान हुआ था जिसमें यह तीन किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पीएमजीएसवाई ने किसी तरह आवाजाही के लिए सड़क खोली लेकिन मलबा अब भी फैला है और पुश्ते क्षतिग्रस्त हैं। बैरकांडे के नीचे 20 मीटर का हिस्सा धंसा हुआ है जिससे वाहनों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। धूप में धूल और बारिश में कीचड़ से स्कूली बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीएमजीएसवाई से इस तीन किलोमीटर के हिस्से को ठीक कर डामरीकरण करने की मांग की है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता धीरेंद्र भंडारी ने बताया कि सुधारीकरण और डामरीकरण के लिए धन नहीं मिल पाया है जिससे कार्य रुका हुआ है।
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जुनेर मोटर मार्ग का आठ साल से नहीं हुआ डामरीकरण, ग्रामीण परेशान
नारायणबगड़। विकास खंड नारायणबगड़ के जुनेर गांव के मोटर मार्ग का 2015 में निर्माण के बाद से डामरीकरण नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। बरसात में सड़क कीचड़ और फिसलन भरी हो जाती है। निवर्तमान प्रधान नरेंद्र भंडारी और प्रताप सिंह राई ने बताया कि डामरीकरण के लिए कई बार ज्ञापन दिए गए, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। संवाद