पोखरी (चमोली)। किमोठा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास नवीन चंद्र सेमवाल ने भगवान की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान वामन अवतार और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर राजा बलि के यज्ञ में पहुंचकर तीन पग भूमि दान में मांगी। राजा बलि के संकल्प लेने के बाद भगवान वामन ने विराट रूप धारण कर एक पग में आकाश और दूसरे पग में पूरी पृथ्वी नाप ली। तीसरे पग के लिए स्थान नहीं बचने पर राजा बलि ने अपना शीश भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया। भगवान ने उन्हें सुतल लोक का राजा बनने का वरदान दिया और स्वयं सुतल लोक के द्वार पर पहरेदार के रूप में रहने का वचन दिया। इसके बाद कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस अवसर पर आयोजक कमला देवी, सर्वदानंद किमोठी, कल्पेश्वर किमोठी, चंडी प्रसाद किमोठी, जगदंबा किमोठी, कुल पुरोहित माहेश्वर भट्ट आदि मौजूद रहे। संवाद