गोपेश्वर में चिपको आंदोलन पार्क में ऐसे खंडित किए गए हैं स्टैच्यू।
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चिपको की धरती चमोली में ही इस आंदोलन से जुड़ी महिलाओं के प्रति समाज और प्रशासन गैरजिम्मेदार बना हुआ है। स्थिति यह है कि गोपेश्वर में चिपको आंदोलन की थीम पर तैयार किए गए पार्क में असामाजिक तत्वों ने इस आंदोलन से जुड़ी पांच महिलाओं और पांच पुरुषों की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया है। वहीं प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं है।
गोपेश्वर में जीरो बैंड पर बने खस्ताहाल पार्क को जिला प्रशासन ने फरवरी 2021 में नया रूप दिया था। तत्कालीन जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की पहल पर इस पार्क को चिपको आंदोलन की थीम के साथ आकर्षक बनाया गया था। इसका उद्देश्य था कि पार्क में टहलने वालों के लिए एक थीम युक्त जगह तैयार हो। साथ ही आने वाली पीढ़ी तक चिपको आंदोलन की जानकारी पहुंचे लेकिन जिला प्रशासन ने इस पार्क की सुरक्षा की ओर ध्यान नहीं दिया। अब स्थिति यह है कि असामाजिक तत्वों ने डेढ़ साल में ही इसकी स्थिति बहुत खराब कर दी है। यहां चिपको आंदोलन से जुड़ी महिलाओं और पुरुषों की बनाई गई दस प्रतिमाओं को असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया है। किसी के हाथ तो किसी के पैर तोड़े गए हैं। दो प्रतिमाओं को तो तोड़ने के बाद उखाड़कर एक बैंच के पीछे डाल दिया है। गौरा देवी के शिलापट पर बने उनके पोस्टर को भी आधा फाड़ दिया है।
कोट
पार्क की व्यवस्थाओं को दिखवाया जाएगा, चिपको आंदोलन की थीम पर बाईपास मार्ग पर पार्क का सौंदर्यीकरण किया गया था। यदि पार्क में तोड़फोड़ की गई है तो, असामाजिक तत्वों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। पार्क को व्यवस्थित और प्रतिमाओं को ठीक कराया जाएगा। - हिमांशु खुराना, डीएम, चमोली।