अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त नहीं मानने के सरकार के फैसले पर शिक्षक संगठन ने नाराजगी जताई है। राजकीय शिक्षक संघ ने सरकार से तुरंत इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट और महामंत्री नरेंद्र नेगी ने कहा कि नये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहली ही कैबिनेट में अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त नहीं मानने और उनका मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया है। मानदेय बढ़ाने का वह स्वागत करते हैं लेकिन अतिथि शिक्षकों के पद रिक्त नहीं मानने का विरोध करते हैं। इससे नियमित शिक्षकों को पदोन्नति और स्थानांतरण का लाभ नहीं मिल सकेगा। शिक्षक दो दशकों से दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में तैनात हैं। यह निर्णय इन शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात है। शिक्षकों के साथ अन्याय को संगठन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।