पिंडरघाटी के दौरे पर पहुंचे वन संरक्षक गढ़वाल नित्यानंद पांडे ने सड़क निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्थाओं की ओर से मलबा वन भूमि और नदी नालों में फेंकने पर नाराजगी जताई। उन्होंने नदी और वन भूमि पर मलबा डालने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। इसके बाद वन संरक्षक ने जायका व वन विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण भी किया।
वन विश्राम गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से आपसी संवाद स्थापित कर वनों के प्रति लोगों को जागरूक करने व वन पंचायतों को मजबूत किया जाएगा। वर्तमान में चमोली जिले में 1000 वन पंचायतों में से 67 वन पंचायतों में कार्य चल रहे हैं। वनों में आग लगाने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि बंदरबाड़ा और सूअररोधी दीवारों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर हरिद्वार की लैब में उनकी नसबंदी की जा रही है। वर्तमान में 65 सड़कों के निर्माण के लिए वन भूमि की स्वीकृति दी जा चुकी है। इस मौके पर डीएफओ सर्वेश्वर कुमार, वन क्षेत्राधिकारी जुगल किशोर चौहान और हरीश थपलियाल मौजूद रहे।