स्वजल कर्मियों का कहना है कि उन्हें पिछले 11 माह से वेतन नहीं दिया गया है। अब शासन ने आदेश जारी किया है कि रुके हुए वेतन और भत्तों का उन्हें एक चौथाई दिया जाएगा। उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह न सिर्फ कर्मियों का उत्पीड़न है, बल्कि किसी भी तरह से न्याय संगत नहीं है।
स्वजल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह राणा, संजय पंत, संतोष खनेरा, मनीष कुमार, विनोद लाल आदि का कहना है कि वह स्वजल में पिछले 25 सालों से काम कर रहे हैं। कोविड के दौरान भी वह लगातार काम करते रहे, लेकिन इस अवधि का उनका वेतन नहीं दिया गया। इसी जनवरी में शासन ने आदेश जारी किया है कि 11 महीने के रुके वेतन और भत्तों में कटौती कर मासिक वेतन का सिर्फ एक चौथाई दिया जाएगा। जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को वही आगे बढ़ा रहे हैं। इसके बावजूद उनका वेतन नहीं दिया जा रहा है। वह कई बार सरकार और शासन से वेतन दिलाने की मांग करते आए हैं।