देवाल। रूपकुंड पर्यटन विकास संघर्ष समिति ने हर साल होने वाली श्रीनंदा लोकजात काे चारधाम यात्रा की तर्ज पर आयोजित करने की मांग की। इसके लिए समिति जल्द एक बैठक करेगी। साथ ही लोकजात के पड़ावों व मार्ग की विस्तृत जानकारी लेने के लिए समिति अध्ययन दल भी भेजेगी।
प्रति वर्ष अगस्त-सितंबर माह में श्रीनंदा लोक जात का आयोजन किया जाता है। इस यात्रा का आयोजन बधाण व नंदानगर के ग्रामीण करते हैं। सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर से शुरू होने वाली नंदा लोकजात का समापन सप्तमी के दिन वेदनी में होता है। इस यात्रा में 22 पड़ाव जाने के व छह पड़ाव वापसी के हैं। मां नंदा की डोली अंतिम पड़ाव बैनोली, लोल्टी के बाद छह माह सिद्धपीठ देवराड़ा मंदिर में प्रवास में रहने के बाद कुरुड़ के लिए प्रस्थान करती है। समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा ने बताया कि श्रीनंदा लोकजात को चारधाम यात्रा की तर्ज पर आयोजित करने के लिए सीएम को ज्ञापन भेजा गया है। साथ ही इसके लिए जल्द बैठक की जाएगी। इसके बाद सीएम से मुलाकात की जाएगी। संवाद