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Chamoli News: गढ़वाल राइफल बैंड की धुनों के साथ शौर्य महोत्सव का आगाज

Thu, 23 Nov 2023 06:26 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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विक्टोरिया क्राॅस विजेता दरवान सिंह नेगी की स्मृति में कफारतीर-खैतोलीखाल में हुआ आयोजन
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पैतृक गांव में लगी दरवान सिंह नेगी की मूर्ति, विधायक भूपालराम टम्टा ने किया अनावरण
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। प्रथम विश्व युद्ध के नायक विक्टोरिया क्राॅस विजेता दरवान सिंह नेगी की स्मृति में उनके पैतृक गांव कफारतीर-खैतोलीखाल में चार दिवसीय राजकीय शौर्य महोत्सव का आगाज गढ़वाल राइफल के बैंड की धुनों और भव्य कलशयात्रा के साथ हुआ। गांव में गांव में दरवान सिंह नेगी की मूर्ति लगी जिसका अनावरण थराली विधायक भूपालराम टम्टा ने किया।
इस अवसर पर ममंद कफारतीर ने पितृदेव भजन से और हाईस्कूल सैंज-खैतोली की छात्राओं ने स्वागत गान से अतिथियों का अभिनंदन किया। शौर्य महोत्सव के पहले दिन महिला मंगल दलों व सांस्कृतिक दलों के कार्यक्रमों की धूम रही। शौर्य महोत्सव में मुख्यमंत्री के सिलक्यारा टनल हादसे के कारण न पहुंच पाने से लोग मायूस दिखे। उनके प्रतिनिधि के बतौर थराली विधायक भूपालराम टम्टा ने शौर्य महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि वीर शिरोमणि वीसी दरवानसिंह नेगी ने प्रथम विश्व युद्ध में अपनी वीरता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए जर्मन सेना को मौर्चे से पीछे धकेल दिया था। उनकी वीरता और प्रराक्रम को देखते हुए 5दिसंबर1914 को उन्हें युद्ध के मैदान में ही ब्रिटिश सरकार ने ब्रिटेन के सर्वोच्च सैनिक सम्मान विक्टोरिया क्रास से नवाजा था। उनकी शौर्य गाथा हमारी आने वाली पीढियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। इस अवसर पर शौर्य महोत्सव के संरक्षक भुवन नौटियाल, कर्नल डीएस बर्तवाल,शौर्य महोत्सव के मेलाधिकारी एसडीएम रवींद्र जुवांठा,तहसीलदार प्रदीप नेगी, वीसी दरवानसिंह नेगी वार मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष लखपतसिंह नेगी, सचिव गंभीर नेगी समेत बडी़ संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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हमारी सांस्कृतिक विरासत को जिंदा रखते हैं मेले: भट्ट
पोखरी। 17वें चंद्रकुंवर बत्र्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं शरदोत्सव पोखरी में शुरू हो गया। सात दिवसीय मेले का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया। कहा कि मेले हमें आपस में जोड़ते हैं और यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का कार्य करती है। मेले के उद्घाटन के दौरान जीआईसी नागनाथ की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी जबकि सेवा इंटरनेशनल की महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत ने कहा कि महेंद्र भट्ट के सहयोग से मुख्यमंत्री ने मेले के लिए चार लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष ललित मिश्रज्ञ, नगर अध्यक्ष बीरेंद्र राणा, रमेश चौधरी, वत्सला सती, विजयपाल रावत, समीर मिश्रा, आनंद सिंह राणा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे।


लोहाजंग में मेला शुरू, गीतों पर झूमे लोग

देवाल। लोहाजंग में पूर्व विधायक स्व. शेरसिंह दानू की स्मृति में पांच दिवसीय सांस्कृतिक औद्योगिक पर्यटन विकास मेले का आगाज हुआ। मेले के शुभारंभ पर लोकगायक अमित गोस्वामी, दया अठाणी, मुरली मनोहर उप्रेती, महिला मंगल दल वांक, युवक मंगल दल व शिक्षण संस्थाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिस पर दर्शक खूब झूमे। इस दौरान हरनी गांव की जड़ी-बूटी व सब्जी उत्पादक गंगा देवी को सम्मानित किया गया।
सेवानिवृत ईई मानसिंह बिष्ट, ज्येष्ठ उपप्रमुख संगीता बिष्ट, धर्मसिंह दानू, प्रेम दानू, विरेंद्र दानू व मेलाध्यक्ष इंद्रसिंह राणा ने स्व. शेर सिंह दानू को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य अतिथि मानसिंह बिष्ट ने कहा कि स्व. शेर सिंह दानू उत्तर प्रदेश के विधायक रहे। वे 1969 में जनसंघ से चुनाव जीतकर विधायक बने। इसके बाद मेले में कार्यक्रमों का आगाज दैणा होया खोली का गणेशा, दैणा होया मोरी का नारेणा, दैणा होया पंचनामा देवा से हुआ। लोकगायकों ने नंदा तेरी जात..., सुण बौ दे शौगु की चेली राजुला..., आवा दीदी भूलियों..., बीरू भड़ों को देश... आदि की प्रस्तुति दी। मेलाध्यक्ष इंद्रसिंह राणा ने कहा कि मेला लोगों के सहयोग से किया जाता है। इस मौके पर अर्जुन बिष्ट, भुवन बिष्ट, गमोती देवी, आनंद बिष्ट, खड़क सिंह, मेहरवान सिंह और खड़क दानू आदि मौजूद थे। संवाद



सात साल बाद भी सड़क से नहीं जुड़ पाया शेर सिंह दानू का गांव

देवाल। लोहाजंग में आयोजित मेला शेर सिंह दानू की स्मृति में आयोजित किया जाता है लेकिन उनका गांव पिनाऊं आज तक सड़क से नहीं जुड़ सका है। वर्ष 2015 में गांव के लिए 23 किमी सड़क स्वीकृत हुई थी लेकिन सात साल बाद भी निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीणों को करीब 23 किमी पैदल चलना पड़ता है।
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मेले के अध्यक्ष इंद्रसिंह राणा ने बताया कि पिनाऊं गांव में सड़क निर्माण के लिए भूमि चयनित हो गई। भूमि के बदले क्षतिपूर्ति के तौर पर कई पौधे लगाए जाने हैं लेकिन पौधे लगाने के लिए 33 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण स्वीकृत के सात साल बाद भी 23 किलोमीटर धुरा-धारकोट-वांक-पिनाऊं सड़क नहीं बन पाई है। ऐसे में ग्रामीणों को धुरा धारकोट-वांक आने के लिए आज भी करीब 23 किमी पैदल चलना पड़ता है। वहीं लोनिवि थराली के अवर अभियंता आकाश धूलिया का कहना है कि पौधे लगाने के लिए 33 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है जिसके लिए खोज की जा रही है। भूमि उपलब्ध होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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