घाट ब्लाक में सत्रह किमी लंबी कांडई-मोलागाड-बैरासकुंड सड़क पर मानक के अनुसार कटिंग न होने से यहां आवाजाही खतरनाक बनी है। सात किलोमीटर सड़क पार करने में वाहनों को दो घंटे का समय लगता है। वहीं ग्रामीण वाहन में सफर करने के बजाय पैदल चलने में ही अपनी भलाई समझते हैं।
कांडई-मोलागाड-बैरासकुंड सड़क ग्राम पंचायत कांडई, पगना, दुर्मी, मौलागाड, मटई, बैरों, हितमोली, ईतमोली और बैरासकुंड क्षेत्र के लगभग चार गांवों को यातायात से जोड़ती है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश फरस्वाण, गब्बर सिंह, मोहन और भास्करानंद पुरोहित का कहना है कि इस सड़क का निर्माण वर्ष 2004 में हुआ था, लेकिन अभी तक सड़क पर न तो नाली निर्माण हुआ न ही हिल साइड मलबे का निस्तारण हुआ। सड़क कई जगहों पर धंस रही है। इधर, पीएमजीएसवाई के ईई आरपी सिंह का कहना है कि ग्रामीणों की ओर से इस संबंध में शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। फिर भी जिन स्थानों पर सड़क खराब स्थिति में है, वहां जल्द सुधारीकरण कार्य करवाया जाएगा।