जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के गीतों को सुनने के लिए खचाखच भरा रहा पंडाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पोखरी (चमोली)। कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल खादी पर्यटन किसान विकास मेले की छठवीं सांस्कृतिक संध्या में जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के गीतों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। भरतवाण की सरूली मेरु जिया लगीगे, तेरी रौंतेलि मुखड़ी मा.. समेत एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. महेश चौधरी और कल्प इंडस्ट्रियल कालेश्वर के मैनेजर प्रदीप पंवार ने किया। इसके बाद भरतवाण ने घुट-घुट बाडुली लगीच, मैत्युं को रैबार आयूं च.., औ मेरा दगड्यूं.., देवी जागर.., मोहना तेरी मुरली बाजी, ग्वाल बालों का संग..,तिवारी मां बैठी होली सौंजड्या मेरी..., सरुली मेरु जीया लगीगे, तेरी रौंतेली मुखुड़ी मां.. सहित कई गीतों की प्रस्तुति दी। दर्शक देर रात तक उनके गीतों पर झूमते रहे। प्रीतम भरतवाण के गीतों को सुनने के लिए पूरा पंडाल खचाखच भरा रहा। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, मेला अध्यक्ष सोहन लाल, बसंत भंडारी, मनोज भंडारी, मंदीश कंडारी, गिरीश किमोठी और बिछना रौथाण आदि मौजूद रहे।