थराली। पैनगढ़ के 23 आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए शासन की ओर से करीब नौ महीने बाद 98 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। इससे बेघर हुए परिवार फिर से अपना आशियाना बना सकेंगे।
तहसील के पैनगढ़ गांव में 21 अक्तूबर 2022 की रात को हुए भूस्खलन से रूपतोली तोक में एक ही परिवार के तीन लोग मलबे में दफन हो गए थे। साथ ही भूस्खलन से यहां पर 23 परिवार खतरे की जद में आ गए थे जिन्हें आवास छोड़ने पड़े थे। प्रशासन ने इनको जूनियर हाईस्कूल और टेंटों में शिफ्ट किया था। तब से ये लोग यहीं ठंड और गर्मी में यहीं रह रहे थे और शासन-प्रशासन से पुनर्वास की मांग कर रहे थे। डीएम ने भी इनकी स्थिति को देखा था। विधायक भूपालराम टम्टा ने भी सरकार से इनके पुनर्वास की मांग की थी। अब जाकर शासन की ओर से आपदा प्रभावित प्रत्येक परिवार को भवन निर्माण के लिए 4 लाख, गोशाला के लिए 15 हजार और पुनर्वास भत्ते के लिए दस हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। कुल मिलाकर प्रभावितों के पुनर्वास के लिए 98 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
एसडीएम ने प्रभावितों को दिए चेक
पौड़ी। बीते 20 जुलाई को बादल फटने से थलीसैंण क्षेत्र के रौली गांव में हुए नुकसान का एसडीएम श्रेष्ठ गुनसोला ने निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा से हुई क्षति का आंकलन किया। साथ ही 57 प्रभावितों को भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुई भूमि के एवज में दो लाख 89 हजार चार सौ चालीस रुपये के चेक दिए गए। एक व्यक्ति को पशुहानि होने पर चार हजार रुपये के अनुग्रह अनुदान के साथ ही दो भवनों के आंशिक क्षतिग्रस्त होने पर दो ग्रामीणों को गृह अनुदान भी दिया गया। बताया कि बगवाड़ी के समीप क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर लोनिवि की ओर से 30 मीटर स्पान का बैली ब्रिज तैयार किया जा रहा है। लोनिवि बैजराें की ओर से बताया गया कि लगभग 3 सप्ताह में पुल बन जाएगा। इस दौरान तहसीलदार थलीसैंण आनंद पाल, राजस्व निरीक्षक भीम सिंह असवाल और राजस्व उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।