दो दिवसीय महामृत्युंजय महादेव कांवड़ यात्रा शुरू, बड़ी संख्या में महिलाएं भी हुईं शामिल
दो दिवसीय महामृत्युंजय महादेव कांवड़ यात्रा रविवार को कर्णप्रयाग से शुरू हुई। इस बार कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई हैं। इस यात्रा के तहत कांवड़ियों ने कर्णप्रयाग संगम पर गंगाजल भरा। गंगा जल भरने के बाद कांवड़िये 28 किलोमीटर पैदल चलकर शाम को नारायणबगड़ पहुंचे। सोमवार को कांवड़िये नारायणबगड़ से 11 किलोमीटर पैदल चलकर मृत्युंजय महादेव मंदिर देवीधुरा पहुंचेंगे।
नारायणबगड़ से रविवार सुबह ढोल नगाड़ों के साथ प्रमुख यशपाल नेगी ने कांवड़ यात्रा को कर्णप्रयाग के लिए रवाना किया। भोले के जयकारों के साथ कांवड़िये वाहनों में सवार होकर कर्णप्रयाग संगम पर पहुंचे। पिंडर व अलकनंदा नदी के संगम पर कांवड़ियों ने स्नान कर गंगा माता की पूजा की व यज्ञ करने के बाद कांवड़ में जल भरकर यात्रा शुरू की। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने कांवड़ियों को जलपान कराया व फल वितरित किए। 28 किमी पैदल चलकर देर शाम कांवड़ यात्रा रात्रि विश्राम के लिए नारायणबगड़ पहुंची। लोगों ने पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया। सोमवार सुबह कांवड़ यात्रा नारायणबगड़ से प्रस्थान कर मृत्युंजय महादेव मंदिर देवधूरा पहुंचेगी। जलाभिषेक करने के साथ ही कांवड़ यात्रा का विधिवत समापन होगा। कांवड़ यात्रा में महामृत्युंजय महादेव कांवड़ यात्रा समिति के संयोजक दलीप नेगी, अध्यक्ष रामबहादुर सलामी, विक्रम परिहार, मंदिर समिति के अध्यक्ष बृजमोहन बुटोला, जयपाल बुटोला, देवेंद्र परिहार, अब्बल सिंह, प्रेमसिंह, मृत्युंजय परिहार, महिला कांवड़ यात्रा समिति की अध्यक्ष जयंती देवी, विमला देवी, कमला देवी, गणेशी शाह और शशि देवी आदि शामिल हुए।